प्रभारी मन्त्री को बदनाम कर अफसरों पर बनाया अनैतिक दबाव
सरपंच- सचिव से हड़पा पोर्टल और पासवर्ड
ग्राम पंचायत के मौलिक अधिकारों का हो रहा हनन
पूर्व सांसद मानिक सिंह भी कूदे रेत के सिंडीकेट मे
गोपद एक्सप्रेस
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सिंगरौली। नक्सल प्रभावित बालाघाट जिले से सिंगरौली में रेत कारोबार करने आया खनिज माफिया सरफराज खान कांदोपानी के बाद भरसेड़ी स्थित गोपद नदी के लंबे चौड़े पाट में बड़े पैमाने पर रेत का अवैध खनन कर रहा है। जिससे ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों के मौलिक अधिकारों का भी दमन किया जा रहा है। बताया जाता है कि अपने बंदूधारी लाव लश्कर के साथ सिंगरौली जिले में अवैध रेत खनन कारोबार में उतरा खनिज माफ़िया सरफराज खान प्रदेश के खनिज मंत्री एव जिले के लोकप्रिय प्रभारी मंत्री का आदमी होने को प्रचारित कर जिले के आला अधिकारियों पर भी नाजायज़ दबाव बनाने में भी कामयाब हो गया है। चर्चा जोरों पर है कि कभी मंत्री को जीजा जिज्जी बताता है, तो कभी बंदूधारी गुर्गों का बाहुबल दिखता है। जिससे जनपद पंचायत देवसर के ग्राम पंचायत भरसेड़ी स्थित गोपद नदी से बड़े पैमाने पर रेत उत्खनन कर रहा है। बताया जाता है कि खनिज माफ़िया सरफराज खान के गुर्गे पोकलेन और जेसीबी लगाकर प्रतिदिन 20 से 25 गाड़ी रेत निकासी कर रहे हैं। बताया जाता है कि ग्राम पंचायत के खनिज पोर्टल और पासवर्ड खनिज माफ़िया सरफराज के इशारे पर खुलता है और बंद भी होता है। ग्रामीणों की बातों पर यकीन करें तो ग्राम पंचायत के सरपंच- सचिव दबाव में आकर चाहते हुए भी अपने अधिकारों और मंशा नही व्यक्त कर पा रहे हैं। मसलन ग्राम पंचायत के मौलिक अधिकारों पर खनिज माफिया का राज चल रहा है। जबकि प्रदेश सरकार ने ग्रामीणों को रोजगार दिलाने के लिए पंचायत की खदानों में मशीन लगाने पर प्रतिबंधित किया है। लेकिन भरसेड़ी में खुलेआम पोकलेन और जेसीबी से अवैध रेत उत्खनन किया जा रहा है।
लाखों की टैक्स चोरी, जाँच की मांग
बताया जाता है कि भरसेड़ी में खनिज माफ़िया सरफराज खान के गुर्गे एक गाड़ी में 8 से 12 घनफिट की ही रॉयल्टी काट रहे हैं ,जबकि ट्रक और ट्रेलर हाइवा में 25 से 30 घनफिट रेत भरकर भेजी जा रही है। जिससे प्रति गाड़ी 12 से 15 घनफिट रेत की रॉयल्टी चोरी की जा रही है। इससे एक ओर जिले के डीएमएफ फण्ड और पंचायत फण्ड को लाखों रुपये का चूना लगाया जा रहा है। साथ ही प्रदेश के टैक्स में भी सेंध लगाया जा रहा है। प्रदेश सरकार को प्रतिदिन लाखों रुपए की टैक्स चोरी का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
गए थे हरिभजन को ओटन लगे कपास
बताया जाता है कि भरसेड़ी में सरपंच और ग्राम वासियों को खनिज माफ़िया से छुटकारा दिलाने का वीणा लेकर पूर्व सांसद मानिक सिंह कई दिनों तक लॉबिंग की । जिले से लेकर राजधानी तक आदिवासियों को न्याय दिलाने दौड़ में लगे रहे लेकिन अंततः वह भी खनिज कारोबारियों के साथ भरसेड़ी रेत खदान में नारियल तुड़वाने लगे। यानी रेत माफ़िया को भगाने के बजाय उसमें ही मिल गये। जिससे पूर्व सांसद से स्थानीय लोगों का भरोसा भी टूटता गया।
रंजीत भी जमकर बेचीं थी गोपद की रेत
बताते हैं कि जिले में जब से रेत का कारोबार चल रहा था उस दौरान यूपी से आया रेत माफ़िया रंजीत सिंह के कब्जे में भरसेड़ी के सरपंच सचिव बिलबिलाते रहे । खनिज माफ़िया रंजीत सिंह ने भी भरसेड़ी गोपद नदी में पोकलेन और जेसीबी लगाकर करोड़ों रुपए की रेत उत्खनन कर बेच डाली। लेकिन पंचायत पर अभी भी टैक्स बकाया राशि का खामियाजा सरपंच - सचिव भुगत रहे हैं। उन दिनों भी वे खुलकर कभी अपने अधिकारों का उपयोग नही कर सकते थे। जिसमें जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी भी माफ़िया के इशारे पर सरपंच सचिव पर आए दिन धारा 40 और निलंबन करने के दबाव बनाते रहे हैं।